सड़कें और घर बहे, डेढ़ लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में, राहत शिविरों में गुजार रहे दिन
सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शिवसागर जिले का नेपाली खुटी गांव शामिल है। लगभग 150 परिवारों वाला यह गांव डेयरी व्यवसाय के लिए जाना जाता था। यहां हर रोज़ सैकड़ों लीटर दूध आसपास के कस्बों में भेजा जाता था
गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश ने इस साल बाढ़ को भयावह रूप दे दिया है। राज्य के कई जिलों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। अब तक 85 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब डेढ़ लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। सैकड़ों गांव जलमग्न हो चुके हैं और हजारों परिवार राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं।
उफनती नदियों ने मचाई तबाही
लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा और देखते ही देखते बाढ़ का पानी गांवों में घुस गया। कई इलाकों में सड़कें बह गईं, पुल क्षतिग्रस्त हो गए और घर पानी में डूब गए। हालात इतने गंभीर हो गए कि कई परिवारों को अपनी जान बचाने के लिए घरों की छतों और पेड़ों पर शरण लेनी पड़ी।
डेयरी गांव की पूरी अर्थव्यवस्था बर्बाद
सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शिवसागर जिले का नेपाली खुटी गांव शामिल है। लगभग 150 परिवारों वाला यह गांव डेयरी व्यवसाय के लिए जाना जाता था। यहां हर रोज़ सैकड़ों लीटर दूध आसपास के कस्बों में भेजा जाता था, लेकिन बाढ़ ने गांव की पूरी अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी गायें केवल पशु नहीं थीं, बल्कि परिवार की आय, बच्चों की पढ़ाई और भविष्य का सहारा थीं। बाढ़ में पशुधन, चारा और डेयरी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
132 गांवों पर सबसे ज्यादा असर
नज़ीरा क्षेत्र में अकेले 132 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जहां 30,304 परिवार संकट का सामना कर रहे हैं। बाढ़ का पानी कम होना शुरू जरूर हुआ है, लेकिन लोगों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। पीने के साफ पानी की कमी, रोजगार का संकट और बुनियादी ढांचे के नुकसान ने हालात और गंभीर बना दिए हैं।
70 से ज्यादा घर पूरी तरह तबाह
ग्रामीणों के अनुसार, नेपाली खुटी गांव के करीब 150 घरों में से 70 घर पूरी तरह बह गए हैं या फिर रहने लायक नहीं बचे। कई परिवार अब भी राहत शिविरों में रह रहे हैं, जबकि कुछ लोग अपने टूटे-फूटे घरों में लौटकर जिंदगी दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं।
राहत और बचाव अभियान जारी
राज्य प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं। प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री, भोजन और दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं। हालांकि, व्यापक नुकसान के कारण सामान्य स्थिति बहाल होने में अभी समय लग सकता है।
एंकर: राष्ट्रीय समाचार